टीम इंडिया के खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी के रांची स्थित दो फ्लैट नीलाम होंगे. 1100 वर्गफीट और 900 वर्गफीट के ये दो फ्लैट कमर्शियल हैं. रांची के डोरंडा में शिवम प्लाजा नामक बिल्डिंग में ये फ्लैट हैं. आरोप है कि बिल्डर दुर्गा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के हुडको का लोन नहीं चुका पाने के कारण हुडको यानी हाउसिंग अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन यह फ्लैट नीलाम करने जा रहा है. इसका खामियाजा धोनी को उठाना पड़ रहा है.

रांची के पॉश इलाके में स्थित शिवम प्लाजा में धोनी का पहले और चौथे फ्लोर पर कमर्शियल फ्लैट हैं. हुडको ने शिवम प्लाजा के नीलामी की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए भवन परिसंपत्ति का दो बार अलग-अलग मूल्यांकन कराया गया है. इलाहाबाद स्थित कर्ज वसूली अपीलीय न्यायाधिकरण में नीलामी की आधार राशि तय करने की अपील की है. न्यायाधिकरण की ओर से छह करोड़ कर्ज की राशि के लिए उचित सूद और हर्जाने की राशि के मुताबिक, नीलामी की आधार राशि तय होगी.

नीलामी से मिली राशि में से लोन के बराबर की राशि हुडको अपने खाते में ले लेगा. नीलामी लोन वाली पूरी परियोजना यानी बिल्डिंग की होगी. यानी बिक चुके फ्लैट भी इसमें शामिल होंगे. धोनी ने यह फ्लैट 2011 में लिया था. हालांकि दुर्गा डेवलपर्स के निदेशक निलय झा मानते हैं कि हुडको के साथ लोन को लेकर उनका विवाद जरूर है लेकिन वे धोनी के दो फ्लैट का सेटलमेंट दूसरी जगह कर चुके हैं, जहां तक ग्राउंड फ्लोर में धोनी के फ्लैट की बात है, उसका 3 करोड़ का भुगतान हुडको को कर दिया गया है. वहीं वे हुडको के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं.



दुर्गा डेवलपर्स ने शिवम प्लाजा बनाने के लिए हुडको से 12 करोड़ 95 लाख का लोन लिया था. इसे जी+10 फ्लोर का बनना था. पर इसी बीच जमीन मालिक से दुर्गा डेवलपर्स का विवाद हो गया. इस कारण छह करोड़ देने के बाद हुडको ने दुर्गा डेवलपर्स के लोन का बाकी हिस्सा रोक दिया. भवन जी+6 फ्लोर बनने के बाद ही रुक गया. लोन चुकाने में देरी के कारण हुडको ने कंपनी को डिफॉल्टर घोषित कर दिया.

धोनी के बड़े भाई नरेंद्र सिंह धोनी ने हुडको पर आरोप लगाते हुए कहा है कि हुडको की साजिश के कारण यह प्रोजेक्ट डेड हुआ है. हमने तीन करोड़ चुका दिए हैं. हुडको ने दुर्गा डेवलपर को लोन दिया था तो इसका नोटिस बिल्डिंग में क्यों नहीं लगाया. हमें कैसे पता लगेगा कि बिल्डिंग लोन में बनाई गई है. बिल्डर और हुडको ने मिलकर हमें फंसा दिया.

फिलहाल इस मामले में हुडको का कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. लेकिन इतना तो तय है कि अगर बिल्डिंग नीलाम हुई तो बिल्डर और हुडको की गलती का खामियाजा धोनी और उनके परिवार को चुकाना पड़ सकता है.
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