कैसे पहुंचेगी समेकित बाल विकास परियोजना की सुविधा बच्चों तक।

बोरियो प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों तक पहुंचनी है समेकित बाल विकास की सुविधाएं।


    साहिबगंज जिले के बोरियो प्रखंड अंतर्गत संचालित समेकित बाल विकास परियोजना का हाल बुरा है। जहां एक और प्रखंड मुख्यालय स्थित केंद्र में कर्मियों की कमी है वही भवन का भी हाल बुरा है। परियोजना कर्मी मेरी टोपनो ,शर्मिला देवी और और रागिनी कुमारी बताती है कि आने वाले बरसात के दिनों में इस कार्यालय का हाल बदतर हो जाता है छत से पानी टपकने लगता है और सभी दस्तावेजों की स्थिति बहुत ही खराब हो जाती है। बताते चलें कि साहिबगंज जिले का बोरियो प्रखंड साक्षरता के मामले में आज भी काफी पीछे हैं ।पहाड़ियां और संथाल समुदाय के बच्चे पहाड़ों पर आकर किस प्रकार पूर्ववर्ती शिक्षा ग्रहण करते हैं यह सोचने का विषय है। समेकित बाल विकास केंद्रों का संचालन सही समय से नहीं हो पा रहा है क्योंकि वहां तक पदाधिकारियों की पहुंच होती ही नहीं है। ज्ञातव्य है कि समेकित बाल विकास परियोजना भारत सरकार का एक महती लक्ष्य है जिसे भारत सरकार और राज्य सरकार दोनों पूरा करने के लिए प्रयत्नशील है लेकिन इसके बावजूद भी जिस स्थिति का बयाँ वहां के परियोजना कर्मी करते हैं उसे सुनकर काफी दुख होना हर एक नागरिक का वाजिब अधिकार है। पूरे प्रखंड तक समेकित बाल विकास परियोजना का संचालन प्रखंड मुख्यालय से ही किया जाता है जिस की स्थिति यदि ऐसी है तो फिर विकास धरातल पर कितना उतर पाता होगा यह अनुमान लगाया जा सकता है।
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours