झारखंड में सभी विपक्ष दलों के नेताओं ने शनिवार को पत्थलगढ़ी के गढ़ माने जाने वाले घाघरा गांव का दौरा किया. विपक्ष की महागठबंधन वाली इस टीम की अगुआई पुर्व मुख्यमंत्री बाबुलाल मरांडी और कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय कर रहे थे. इस टीम में प्रदीप बलमुचू, नियल तिर्की, प्रेम शाही मुंडा, बासवी कीड़ो, दयामनी बारला, बंधु तिर्की, सुप्रीयो भट्टाचार्य, अमित महतो, पौलुस सुरीन के साथ-साथ माकपा और राजद के नेता भी शामिल थे.
जब नेता गांव पहुचे तो गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था, एक भी आदमी घर पर मौजूद नहीं था. फिर भी टीम ने गांव के चबुतर, लांडिया चौक पर चौपाल लगाई. इस दौरान नेताओं ने खेत, नदी में काम कर रहे लोगों को बुला-बुला कर इकट्ठा किया. गांव वालों से घाघरा में घटित घटना की जानकारी ली और पुलिस की कार्रवाई की भी चर्चा की.
सुबोधकांत सहाय ने पत्थलगढ़ी को सही बताते हुए कहा कि पत्थलगढ़ी, आदिवासियों की परंपरा है. इसे गलत बताने वाली रघुवर सरकार नक्सलियों को बढ़ावा दे रही है. पत्थलगढ़ी को समर्थन करते हुए सबने एक सुर नें कहा कि पत्थलगढ़ी में हम भी शामिल होंगे. वहीं बाबुलाल मरांडी ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार जनता से संवादहीन हो गयी है. जिसके कारण आज लोग गुस्से में हैं और पत्थलगढ़ी कर रहे हैं.



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