झारखंड के कोडरमा में पर्यटन के संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं. प्रदेश सरकार लगातार पर्यटन स्थलों को सजाने और संवारने का कार्य कर रही है. इसी दिशा में कोडरमा के तिलैया बांध पर भी पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए विकास कार्य करवाए जा रहे हैं. सरकार के प्रयासों से तिलैया बांध पर लगातार पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. झारखंड के साथ दूसरे प्रदेशों से भी पर्यटक यहां की वादियों का लुत्फ उठाने के लिए पहुंचते हैं.

प्रकृति की मनोरम वादियों में बसे तिलैया बांध की नींव आजादी के बाद 1953 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने रखी थी. प्रदेश में भाजपा की रघुवर दास सरकार के गठन के बाद इस बांध पर पर्यटन की संभावनाओं को देखा गया और इसके विकास के लिए तेजी से कार्य किए गए हैं. पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां डबल डेकर बोट व स्पीड बोट की व्यवस्था की गई है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना.

पर्यटन के अलावा तिलैया बांध के विस्थापितों को रोजगार देने के लिए भी राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है. बांध के विकास कार्यों और पर्यटन गतिविधियों से बांध विस्थापितों को रोजगार मिला है. विस्थापितों ने सरकार के प्रति आभार जताया है. सात दशक से लगातार पर्यटकों को लुभाने वाले इस बांध पर बंगाल, बिहार, उत्तरप्रदेश सहित कई प्रदेशों से लोग आते हैं. सूबे के कृषि मंत्री ने भी यहां बोटिंग का आनंद उठाया और पर्यटन के क्षेत्र में कोडरमा में इसे ऐतिहासिक शुरूआत बताई है.
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