झारखंड की संस्कृति और परम्परा में प्रकृति पूजा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश रचा बसा है. हमें अपने पुरखों की इस विरासत को सम्भाल कर रखना होगा. ये बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने करम पूजा महोत्सव के अवसर पर कहीं. इस मौके पर सीएम ने करम पेड़ की पूजा-अर्चना भी की और प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने की लोगों से अपील भी की.
रांची के मूरम में आयोजित करम पूजा महोत्सव में मुख्यमंत्री ने ना सिर्फ पारम्परिक रूप से करम वृक्ष की पूजा की, बल्कि महोत्सव में आये लोगों के साथ मांडर लेकर थिरके भी. इससे पहले महोत्सव में आये लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जहां भाई-बहन के इस त्यौहार के मूल में छिपे प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण की बातों को बताया, वहीं इस त्यौहार से अपने लगाव को बचपन की यादों के साथ लोगों से साझा किया. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर वन विभाग द्वारा सूबे में करम के 60 हजार पौधे लगाने की योजना की सराहना की और लोगों से प्रकृति और पर्यावरण सरंक्षण की अपील की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार देश की पहली ऐसी राज्य सरकार है, जिसने उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन के साथ चूल्हा भी दिया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में तेजी से चल रहे विद्युतिकरण की भी जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कांके वासियों को 23 सितम्बर को प्रभात तारा मैदान आने का न्योता दिया. पीएम मोदी वहीं से दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत करेंगे.
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कांकेवासियों की वर्षों पुरानी मांग कांके-पिठोरिया-चंदवे मार्ग को बनाने की घोषणा की. एनएच-33 की दुर्दशा पर चिंता जाहिर करते हुए उम्मीद जतायी कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एनएचएआई जल्द ही इसका निर्माण कार्य पूरा करेगी.
गौरतलब है कि करम पूजा जनजातीय समुदाय का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है. इसमें भाई बहन के प्रेम के साथ-साथ प्रकृति की भी पूजा की जाती है. बहनें आज के दिन निर्जला उपवास रखकर अपने भाई के दीर्घायु और समृद्धि के लिए कामना करती हैं. इसके लिए वे करम के पेड़ की पूजा करती हैं.



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