खूंटी में दो लाख का इनामी नक्सली महेन्द्र मुंडा उर्फ रितेश ने आत्मसमर्पण किया. डीआईजी एवी होमकर ने मुख्यधारा में लौटने पर बधाई देते हुए उसे दो लाख रुपये का चेक सौंपा. रितेश साल 2011 में नक्सली संगठन से जुड़ा था.

2014 में रितेश ने अड़की में संगठन को मजबूती देने की कोशिश की. कई लोगों को जोड़ा. इस दौरान जिसने भी विरोध किया उसकी हत्या कर दी. 2015 में खरसावां में जेसीबी मशीन जलाने और गोलीबारी कर क्षेत्र के ठेकेदारों में दहशत फैलाने में वह शामिल था.

संगठन के लिए लगातार लेवी वसूली का काम करता रहा. 2017 में खरसावा और चौका थानाक्षेत्रों में प्रदानगोडा और कांतिदिरी में पुलिस को उड़ाने के लिए महाराज प्रमाणिक और अमित मुंडा के साथ मिलकर आईईडी बम लगाया. हाल में संगठन ने उसको सिल्ली और कसमार क्षेत्र का एरिया कमांडर बना दिया.

रितेश मुंडा का कहना है कि संगठन में जबरदस्ती काम लिया जाता है. जबकि यह मूल सिद्धांतों से भटक चुका है. इसलिए मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया.

बता दें कि खूंटी में लगातार नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है. एेसे में नक्सली या तो क्षेत्र छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं या फिर आत्मसमर्पण का रास्ता अपना रहे हैं.
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