झारखंड की राजधानी रांची में 8वें राष्ट्रीय महिला पुलिस कांफ्रेंस का सोमवार को आगाज हुआ. दो दिवसीय इस सम्मेलन की शुरुआत सीएम रघुवर दास ने की. सम्मेलन के लिए धुर्वा के ज्यूडिशियल एकेडमी में देशभर से डेढ़ सौ से ज्यादा प्रतिनिधि जुटी हैं.
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि अब वो दिन चले गये, जब महिलाएं केवल घरों में रहा करती थीं. आज हर क्षेत्र में महिलाएं बेहतर कर रही हैं. राज्य-देश का नाम रौशन कर रही हैं. सीएम ने कहा कि कानून का राज कायम होना चाहिए. साथ ही पुलिस की मंशा पर सवाल भी ना उठे, इसका भी खयाल रखा जाना चाहिए. डीजीपी डीके पांडेय ने कहा कि पुलिस ऑर्गेनाइजेशन को प्रोफेसनल बनाने की आवश्यकता है.
दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, भुवनेश्वर, केरल, गुवाहाटी और नई दिल्ली के बाद झारखंड में पहली बार राष्ट्रीय महिला पुलिस सम्मेलन का आयोजन हुआ है. इसमें न्यायाधीश ज्ञानसुधा मिश्रा, पर्वतारोही प्रेमलता अग्रवाल, तीरंदाज दीपिका कुमारी,
तिहार जेल के डीजी अजय कश्यप, राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरमैन रेखा शर्मा सहित कई हस्तियों ने महिलाओं को कार्यस्थल पर होने वाली परेशानियों और उनके समाधान पर विस्तार से अपने विचार रखा.
आईजी संपत मीणा ने कहा कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की घटना को रोकने के लिए उपाय, पुलिस के सभी रैंक में लिंग संवेदीकरण, महिलाओं के लिए आधारभूत संरचना का निर्माण, महिला पुलिसकर्मियों के बीच स्कील डेवलपमेंट, स्मार्ट सिटीज, सेफ सिटीज और कम्युनिटी पुलिसिंग पर विशेष रूप से इस सम्मेलन में चर्चा हुई.
झारखंड पुलिस और राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो की ओर से आयोजित इस नेशनल कांफ्रेंस में पुलिस में कार्यरत सिपाही से लेकर डीजी तक की अधिकारी इसमें शामिल हैं. सम्मेलन का समापन मंगलवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से होगा.



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