धनबाद में आयकर विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक स्वर्ण सिंह को कोर्ट ने 5 साल की कैद की सजा सुनाई है वहीं एक लाख का जुर्माना भी लगाया है. मधुलिका ग्रुप के मृत्युंजय चौरसिया उर्फ टिंकू चौरसिया को भी 5 साल की सजा मिली है. आयकर में राहत देने के नाम पर पेट्रोल पंप कारोबारी कमल सिंह से एक लाख रिश्वत लेने के आरोप है. स्वर्ण सिंह धनबाद आयकर के तत्कालीन संयुक्त निदेशक थे.
सीबीआई की विशेष अदालत सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम संजय कुमार की अदालत ने सोमवार को धनबाद के तत्कालीन संयुक्त आयकर आयुक्त (अनुसंधान) स्वर्ण सिंह और मधुलिका (मिठाई दुकान) के मालिक टिंकू चौरसिया को रिश्वतखोरी के आरोप में दोषी करार दिया. कोर्ट ने दोनों को पांच-पांच साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई. सजा के ऐलान के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया.
कोर्ट ने स्वर्ण सिंह को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की दो धाराओं में पांच साल कैद और एक लाख रुपए जुर्माना तथा टिंकू चौरसिया को पांच साल कैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई. सीबीआई ने पेट्रोल पंप मालिक कमल कुमार सिंह की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी. सीबीआई के विशेष अभियोजक कपिल मुंडा ने बताया कि कमल के पेट्रोल पंप में आयकर में राहत देने के नाम पर स्वर्ण सिंह की ओर से 15 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की गई थी.



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