पुलवामा में शहीद हुए झारखंड के वीर सपूत विजय सोरेंग का गुमला स्थित पैतृक गांव फरसामा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. बड़े बेटे अरुण ने पिता को मुखाग्नि दी. इस दौरान कुम्हारी नदी घाट पर हजारों का हुजूम उमड़ पड़ा. गम और गर्व के बीच लोग विजय अमर रहे के नारे लगा रहे थे. हर जुबान पर पाकिस्तान से बदला लेने की भी बात थी. अंतिम संस्कार से पहले शहीद विजय को अंतिम सलामी दी गई.
इससे पहले जब रांची से हेलिकॉप्टर के जरिये पार्थिव शरीर गुमला के फरसामा गांव पहुंचा, तो परिवारवालों का जैसे कलेजा फट गया. आंसू और चित्कार से पूरा वातावरण गमगीन हो गया. हजारों आंखों से बहते आंसुओं ने जैसे आसमान को भी रोने पर मजबूर कर दिया. झमाझम बारिश शुरू हो गई. बारिश के बीच केन्द्रीय मंत्री सुदर्शन भगत, बीजेपी सांसद समीर उरांव, जिला प्रशासन और सीआरपीएफ के अधिकारी के साथ-साथ हजारों लोगों ने शहीद विजय को अंतिम श्रद्धांजलि दी.
पिता की चिता को एकटक देख रही बेटी बरखा ने अब सेना में जाने की ठान ली है. बरखा सेना में शामिल होकर पिता की शहादत का बदला लेना चाहती है. छोटी बेटी भी सेना में शामिल होना चाहती है. इससे पहले रांची एयरपोर्ट पर पार्थिव शरीर के पहुंचने पर राज्यपाल, सीएम, मंत्री, पक्ष- विपक्ष के नेता और अधिकारियों ने शहीद विजय को नमन किया. केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा और सीएम रघुवर दास ने पार्थिव शरीर को कंधा भी दिया.



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