संजीव शर्मा/भागलपुर
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भागलपुर : यूपी के उन्नाव जिले में पहले दुष्कर्म और फिर दुष्कर्म पीड़िता के पिता,मौसी,चाची एवं चश्मदीद गवाह की एक साजिश के तहत हुई हत्या के आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को फांसी देने दिलाने की मांग को लेकर स्थानीय घंटा घर चौक पर जस्टिस फॉर विक्टिम(फ्रंट)के अध्यक्ष डॉक्टर अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रतिकार सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि इस तरह की घृणित व कलंकित घटनाओं से पूरा देश शर्मसार होता है और हमारी बेटियां व बहन खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।एक तरफ सरकार बेटी बचाने और बेटी पढ़ाने की बात कर देश में महिला सशक्तिकरण को मजबूत करना चाहती है और दूसरी तरफ कानून व प्रशासनिक उदासीनता के कारण इस तरह की घृणित व कलंकित अपराध से बहन-बेटियों की इज्जत आबरू सरेआम नीलाम हो रही है,जो कदापि उचित नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस मामले को लेकर त्वरित कार्रवाई करने और आरोपी श्री सेंगर को हैंगर में लटकाने की बात कही। मौके पर मौजूद अधिवक्ता कृष्ण मोहन सिन्हा किसलय ने तमाम कानूनी विशेषज्ञों एवं अधिवक्ताओं से आग्र किया कि वे इस तरह के मामले में आरोपी की ओर से मुकदमा लड़ने से परहेज करें। वीर रस के कवि महेन्द्र मयंक ने कहां कि इस तरह के मामलों में शामिल आरोपी किसी जाति एवं पार्टी का नहीं बल्कि उनकी एक ही जात होती है वह होता है अपराध का।उन्होंने कहा कि हमारे देश में ऐसे अपराधियों को जब तक सख्त से सख्त सजा का प्रावधान नहीं होगा तब तक इस तरह की घटनाओं में कमी नहीं आ सकती है। फ्रंट के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह ने कहा कि बात केवल यूपी कि नहीं बल्कि पूरे देश में इस तरह की घटित घटनाओं से बहन बेटियों का अस्तित्व खतरे में है। ऐसे अस्तित्व के लिए कानूनी नियम कायदों में सुधार कर सर्वप्रथम पुलिस को चुस्त और दुरुस्त होने होंगे तभी इस तरह की घटनाओं में अंकुश लग सकता है।फ्रंट की सचिव नीसू सिंह ने कहा कि इस तरह की कलंकित घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लोगों को कुत्सित सोच व मानसिकता त्यागने होंगे।आयोजित प्रतिकार सभा को उषा सिन्हा,अनिता सिन्हा,संगीता साह एवं पुरुषोत्तम सिंह आदि ने भी संबोधित कर कहा कि महिलाओं के अस्तित्व की रक्षा का जिम्मा मर्दों के हाथ में है और जब रक्षक ही भक्षक हो जाएं तो इस देश को शर्मसार होने से कौन बचा सकता है?लोगों ने कहा कि अब हम महिलाओं को ही खुद दुर्गा-काली और रणचंडी का रूप धारण करने होंगे,तभी इस तरह के कुत्सित सोच व मानसिकता वाले मर्दों को सबक मिलेगा। इस सभा को फ्रंट के कार्यकारी अध्यक्ष गौतम सुमन ने भी संबोधित किया और कहा कि न्यायपालिका की उदाशीनता और पुलिस प्रशासन की अकर्मण्यता के बदौलत आए दिन इस तरह की दिल दहला देने वाली घटना घटित होती है। उन्होंने महिलाओं को स्वाबलंबी होने की अपील करते हुए कहा कि अब इन्हें स्वयं अपनी लोक-लाज,मान-मर्यादा और इज्जत आबरू की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होकर जागृत होने होंगे।
अंत में जस्टिश फाॅर विक्टीम की आवाज-दुष्कर्मी को करो बर्बाद, दुष्कर्मी को फांसी दो -फांसी दो, फांसी दो के बुलंद आवाज से लोगों ने अपने प्रतिकार का प्रदर्शन किया।
इस मौके पर रवि कुमार, राकेश माही, सोमेश यादव,मनीष चौबे, उत्तम सिंह, शंभू साहसहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।



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