गोड्डा/झारखंड: निजी क्लीनिक लाइफ केयर नर्सिंग होम जो कि गोड़ी मिसन हॉस्पिटल के बगल में अवस्थित हैं।अस्पताल पर मरीज के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में सही समय पर इलाज नहीं मिल पाने की वजह से उनके मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के कर्मचारियों पर मारपीट का भी आरोप लगाया है। आरोप में कहा गया है कि जब मरीज की मौत के बाद ये सवाल पूछा गया कि डॉक्टर क्यों नहीं आए थे,तो अस्पताल के कर्मचारियों ने परिजनों के साथ बदसलूकी की। और कर्मचारियों की तरफ से ये धमकी दी गई कि ज्यादा शोर सराबा मचाओगे तो अस्पताल से लहास को बाहर फिंकवा देंगे।
मृतक महिला थी जो पथरगामा थाना की रहनेवाली थी। जिसे लाइफ केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन बार बार कहने के बाद भी कोई भी डॉक्टर उसे देखने के लिए नहीं आए। आखिरकार मरीज ने दम तोड़ दिया। जब मरीज के मर जाने की खबर अस्पताल कर्मचारियों तक पहुंची तो वो आनन फानन में मरीज को ऑक्सीजन लगाने का नाटक करने लगे ताकि मरीज के परिजन को लगे कि डॉक्टर आगये हैं। लेकिन तबतक काफी देर हो चुकी थी। मरीज मर चुका था।
पत्रकार जब अस्पताल पहुंचा तो वहां पर पत्रकार बात करने के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। बाद में डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने कहा की मरीज की हालत पहले से ही गंभीर थी। और उसे बाहर ले जाने के लिए कहा गया था। इसी दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों के साथ मारपीट (धमकी) के सवाल पर उन्होंने कुछ भी साफ सुथरा नहीं कहा। हलांकि गोल मटोल तरीके से जवाब देते हुए डॉ. नरेंद्र कुमार की तरफ से मारपीट की बात को खारिज करने की कोशिश की गई। अस्पताल की जो सीसीटीवी लगी हुई हैं खराब होने की बात भी कही जा रही है।जब ये पूछा गया कि सीसी टीवी कितने दिनों से खराब हैं तो डॉ. साहब ने चुपी साध ली अस्पताल परिसर में परिजनों के द्वारा हंगामा किये जाने के काफी देर बाद मौके पर नगर पुलिस पहुंची और मामले की जांच कर रही है। पर मौत के कारण का पता अभी तक नहीं चल पाया हैं।
अस्पताल के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन का यहाँ पर कोई ध्यान नहीं है। पता चला है कि वह यहाँ से ज्यादा लाइफ केयर नर्सिंग स्कूल पे फोकस कर रहे है जो अस्पताल से 7-8 (KM) किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित हैं सिकटिया में I.T. I. कॉलेज के बगल में,ऐसे स्थिती में अस्पताल कैसे चलेगा।



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