रांची। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को राजधानी रांची में प्रस्तावित झारखंड जदयू के राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। स्पष्ट है कि नीतीश कुमार झारखंड में भाजपा से इतर अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं, इसलिए पार्टी को मजबूत बनाने और हर स्तर पर कार्यकर्ताओं और जदयू के नेताओं में ऊर्जा भरना उनका मुख्य लक्ष्य है।
नीतीश इस दौरान सुशासन, न्याय के साथ विकास, महिला सशक्तीकरण, शराबबंदी तथा पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार से संबद्ध जन कल्याण की योजनाओं के बूते जंग जीतने का मंत्र देंगे। शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब झारखंड प्रदेश जदयू के अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने यह जानकारी दी। मुर्मू ने कहा कि जदयू अनुसूचित जनजातियों को 32, अनुसूचित जातियों को 14, ओबीसी को 27 तथा अन्य को 10 फीसद आरक्षण दिए जाने का पक्षधर है।
झारखंड जदयू सक्षम विकल्प बनने के लिए विधानसभा की सभी 81 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश अध्यक्ष ने इस दौरान उन्होंने प्रदेश भाजपा और झामुमो दोनों पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा आरक्षण और आदिवासी-मूलवासी विरोधी है। उसने कई मौकों पर सीएनटी और एसपीटी एक्ट को तोड़ा है। इसी तरह उन्होंने झामुमो को भी कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि शिबू और हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चार बार सरकार बनी, परंतु वे झारखंड की भाषा-संस्कृति, भूमि और डोमिसाइल को बचाने में समर्थ नहीं रहे। उन्होंने सीएनटी-एसपीटी एक्ट को जहां खुद तोड़ा, वहीं सरना धर्म कोड के लिए कुछ नहीं किया। संवाददाता सम्मेलन में श्रवण कुमार, अरुण कुमार, संजय सहाय आदि मौजूद थे।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours