राजधानी रांची के बरियातू थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात हुई युवक की हत्या से रांची पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गये हैं. युवक की हत्या गोली मारकर की गयी, इस नतीजे पर पहुंचे के लिए रांची पुलिस को करीब 10 घंटे लग गये. हत्या का कारण दिन में हुए झगड़े को बताया जा रहा है.

बरियातू के हरिहर सिंह रोड में शिवा लोहरा नामक युवक की हत्या हो गयी. घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि शिवा का शव घर की दीवार से सटे नाले में पड़ा मिला. परिजनों ने पहले ये समझा कि शराब के नशे के कारण गिरने से शिवा को चोट लगी है. लिहाजा वे आनन- फानन में उसे रिम्स ले गये, जहां डॉक्टरों ने शिवा को मृत घोषित कर दिया. परिजन शव को लेकर घर वापस आ गये,  तो देखा कि शव पर तीन जगह पर गोली के निशान थे. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस मौके पर पहंची और शव को दुबारा रिम्स भेजा. सुबह खेलने के दौरान घटनास्थल पर बच्चों को गोलियों के खोखे मिले और एक गोली दीवार में धंसी हुई पायी गयी. परिजनों ने फिर पुलिस को सूचित किया, तब पुलिस मामले की जांच शुरु की.

शिवा की मौत गोली लगने से हुई है और इसकी वजह दिन में पड़ोस के अपार्टमेंट में रहने वाले लड़कों के साथ हुए झगड़े को बताया जा रहा है. यह जानने के बाद पुलिसिया जांच तेज हो गयी. तत्काल मौके पर ना सिर्फ दो दारोगा, बल्कि इंस्पेक्टर और डीएसपी भी पहुंचे और मामले की पड़ताल शुरू की. इस बीच आरोपी युवक अपने फ्लैट में ताला जड़ कर फरार हो गये. हालांकि डीएसपी ने दावा किया कि मामले का जल्द खुलासा कर दिया जायेगा,  लेकिन कुछ सवाल का वो जवाब नहीं दे पाये. मसलन,

-घटना की सूचना रात में मिल गयी, तो मौके पर पुलिस ने सही तरीके से जांच पड़ताल क्यों नहीं की ?


-पुलिस ने शव का सही तरीके से परिक्षण क्यों नही किया?

-रिम्स के डॉक्टरों ने गोली की बात परिजनों को क्यों नहीं बतायी?
- होली को लेकर पुलिस अलर्ट मोड में थी, फिर भी झगड़े की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं मिली?
रांची पुलिस की कार्यशैली पर पहली बार सवाल नहीं उठे हैं. इससे करीब चार माह पूर्व रातू थाना क्षेत्र में
एक युवक की गोली से हुई मौत को पहले एक्सीडेंट बता कर मामले को रफा-दफा कर दिया गया था. बाद में दाह-संस्कार के समय जब परिजनों ने शरीर पर गोली के निशान देखे, तो पुलिस को खबर दी और फिर एक्सीडेंट हत्या में तब्दील हुई थी.
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