पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन को निकाय चुनाव में मतदान करने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी. उन्हें अपना बूथ पता करने में घंटों लग गये. बाद में रांची डीसी की सूचना पर उन्होंने मतदान किया.

दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के साथ अपने पुराने मतदान केन्द्र संत फ्रांसिस स्कूल पहुंचे थे. लेकिन वहां मतदाता सूची में उनका नाम नहीं मिला. इसके बाद उन्हें अपना बूथ पता करने में काफी परेशानी उठानी पड़ी. हेमंत सोरेन ने रांची डीसी से बात की और डीसी ने उन्हें उनके नये बूथ के बारे में बताया, तब जाकर वो अपना वोड डाल सके.

डीसी की सूचना पर जेएमएम कार्यकारी अध्यक्ष ने रांची के वार्ड नंबर-25 के बूथ नंबर-10 पर परिवार के साथ मतदान किया. दरअसल नये परिसीमन में उनका नाम फ्रांसिस स्कूल बूथ के मतदाता सूची से कटकर कल्याण विकास समिति बूथ के मतदाता सूची में दर्ज हो गया है. लेकिन इसकी जानकारी पूर्व सीएम को पहले नहीं थी, इसलिए मतदान करने में उन्हें परेशानी उठानी पड़ी.

पूर्व मुख्यमंत्री ने निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने एक नई चाल चली और उसका चरित्र एक बार फिर उजागर हुआ है. बतौर हेमंत सोरेन नया परिसीमन फर्जी वोटरों को शामिल कराने के लिए किया गया. जेएमएम नेता ने कहा कि वे इस मसले पर सरकार से दो-दो हाथ करेंगे.
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