डायरिया और कुपोषण के कुचक्र से बच्चों को बचाने के लिए झारखंड सरकार ने यूनिसेफ के साथ मिलकर एक नई पहल की है मुख्यमंत्री द्वारा एक शिशु को रोटा वायरस का ओरल वैक्सीन पिलाकर इस योजना की आज शुरुआत हुई. रोटा वायरस के वैक्सीन को रुटीन इम्यूनाइजेशन में शामिल करनेवाला झारखंड देश का दसवां और ओरल वैक्सीन के रूप में शुरुआत करने वाला पहला राज्य बन गया.

झारखंड में 49 फिसदी कुपोषण और हर वर्ष डायरिया से हो रही करीब दो हजार पांच सौ मौत के आंकड़े से परेशान झारखंड सरकार ने आज इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम की शुरुआत की. यूनिसेफ, बिल एंड मिरिंडा गेट्स सहित कई एजेंसियों के सहयोग से मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रोटा वायरस वैक्सीन को रुटीन इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम की लॉचिंग की.

झारखंड में बच्चों में होनेवाली डायरिया की मुख्य वजह रोटावायरस का संक्रमण होता है. इसके चलते जहां बच्चों की जान चली जाती है वहीं बार-बार के संक्रमण के चलते बच्चे पहले कुपोषित होते हैं और फिर कई रोगों के शिकार हो जाते हैं. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य के मानव संसाधन को बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि वैक्सीन से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा . डेढ, ढाई और साढ़े तीन महीने में सरकारी अस्पतालों में अब रोटा वायरस का ओरल वैक्सीन नि:शुल्क दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य शिक्षित झारखंड, स्वस्थ झारखंड और खुशहाल झारखंड बनाने की है और यह सब के सहयोग से पूरा होगा. मुख्यमंत्री ने बेहतर प्रदर्शन करनेवाली तीन सहिया को सम्मानित भी किया. वहीं जनजागरूकता के लिए आईईसी पोस्टर का भी लोकार्पण किया.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस को यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज वर्ष घोषित किया है और इस दिशा में रोटा वायरस को रुटीन इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम में शामिल कर झारखंड ने एक बड़ा कदम बढाया है. उम्मीद की जानी चाहिए कि आनेवाले दिनों में झारखंड शिशु और बच्चों के मृत्युदर में और तेजी से कमी करनेवाले राज्यों में अव्वल होगा.
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours