झारखंड के मरीजों को डायलिसिस के लिए अब किसी दूसरे जिलों में जाने की जरूरत नहीं होगी. राज्य मंत्रिपरिषद ने मंगलवार को राज्य के 16 जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में डायलिसिस केंद्र खोलने को मंजूरी दे दी है. कुछ जिलों में पहले से डायलिसिस केंद्रों को मंजूरी दी जा चुकी है.

पीपीपी मोड पर चलने वाले इन डायलिसिस सेंटर पर बीपीएल परिवार के लोगों को नि:शुल्क और एपीएल परिवार के लोगों को बाजार से कम दर पर डायलिसिस की सुविधा दी जाएगी. इसके साथ ही राज्य मंत्रिपरिषद ने रिम्स में बनकर तैयार हुए ट्रामा सेंटर के विभिन्न 225 पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है. मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई. जिसमें कुल 19 प्रस्तावों पर मुहर लगी.

राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय-
1- बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना के लाभुकों के चयन में नए प्रावधान जोड़ने की स्वीकृति दी गई. इससे पहले सामाजिक आर्थिक जाति आधारित जनगणना 2011 के आंकड़ों के आधार पर लाभुकों के चयन को प्राथमिकता दी गई थी.



2- मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना के तहत जिला द्वारा सत्यापित 30 साल से अधिक आयु वर्ग के आवास विहीन या एक कमरे तक के कच्चे मकान में रहने वाले परिवार जिनकी मासिक आय 5000 रुपये से कम हो, ऐसे परिवारों का नाम सामाजिक आर्थिक जातीय जनगणना 2011 में नहीं हो, तब भी उनके परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी गई है. साथ ही बाढ़ भूकंप, भूस्खलन, ओलावृष्टि, आगजनी, हाथी के प्रकोप से प्रभावित परिवार और अकेली रहने वालीं महिलाएं जो खुद आवास बनाने में समर्थ नहीं है, वैसे परिवार या महिलाओं को भी इस योजना के तहत आवास स्वीकृत किए जाने का निर्णय लिया गया.

3- साईंनाथ विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2018 एवं उषा मार्टिन विश्वविद्यालय, (संशोधन) विधेयक, 2018 के प्रारूप को ठीक मानकर स्वीकृति दे दी गई है. इसके द्वारा दोनों ही विश्वविद्यालय के अधिनियम की धारा-6 की उपधारा (II) को हटा दिया गया है. जिसके तहत अब प्रशासक मंडल की पूर्व अनुमति से विश्वविद्यालय किसी महाविद्यालय अथवा अन्य संस्था को सम्बद्ध नहीं कर सकेंगे.

4- राज्य के पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन भोगियों को देय नियत चिकित्सा भत्ता तीन सौ से बढ़ाकर एक हजार रुपये किया गया है. विभिन्न राज्य विश्वविद्यालयों में पीएल खाता के माध्यम से वेतन भुगतान के सम्बन्ध में मंजूरी दे दी गई है.

5- झारखंड ऊर्जा विकास निगम लि. को वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए ऊर्जा सामान्य (गैर वेतन) मद में व्यय के लिए 3 अरब 69 करोड़ रुपये (369,00,00,000) प्रदान किए जाने को मंजूरी दी गई है. ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव विश्व बैंक सम्पोषित झारखंड पावर सिस्टम इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट (जेपीएसआईपी) के आईटी फेज-II परियोजना के लिए 449.20 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2018-19 में इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम के आईटी फेज-II योजना के लिए 26.97 करोड़ रुपये व्यय करने की मंजूरी दी गई.

6- कृषि विज्ञान केंद्र को कृषि के साथ-साथ मुर्गी पालन, मछली पालन, दुग्ध उत्पादन, बकरी पालन एवं सुकर पालन के लिए ब्रीडिंग सेंटर के रूप में विकसित करने के साथ-साथ जिला स्तर पर मॉडल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 में 2652.85 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई.

7- बैठक में झारखण्ड श्रम विधियां (संशोधन) और प्रकीर्ण उपबंध विधेयक, 2018 की स्वीकृति दी गई. सरायकेला के संजय नदी पर दुगनी बराज योजना के लिए न्यूनतम  निविदादाता की राशि परिणाम विपत्र की राशि से 10 प्रतिशत से अधिक होने की  निर्धारित अधिकतक सीमा को इस कार्य के लिए बढ़ाकर 19.88 प्रतिशत करने की स्वीकृति दी गई.
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