गुमला के पालकोट प्रखंड के कोनकेल गांव मे शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण दूषित जल पीने से एक आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई. दूषित जल पीने से आठ लोग बीमार भी हैं. इन सभी का इलाज
सदर अस्पताल में किया जा रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पीने के पानी की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण वे खेत के किनारे बने डाड़ी का पानी पीने को मजबूर हैं. बता दें कि गांव में छह चापाकल हैं. लेकिन ये सभी चापाकल खराब पड़े
हैं. गर्मी का मौसम अपने चरम पर है और सरकार का पेयजल विभाग अपनी जिम्मेदारियों की अनदेखी कर रहा है. अगर संबंधित विभाग इन चापाकलों की मरम्मत करा देता तो इस इलाके में पीने के पानी की
समस्या का काफी हद तक समाधान हो जाता.
ग्रामीणों की माने तो यहां का पानी पीने के कारण लोगों को अचानक उल्टी होने लगी जिससे एक बच्चे की मौत हो गई. इस दूषित जल को पीने के कारण कई लोग बीमार भी पड़ गए. सदर अस्पताल में चिकित्सक
की माने तो दूषित पानी पीने से ही लोग बीमार पड़े हैं. चिकित्सक ने कहा कि अस्पताल में भर्ती लोगों का इलाज किया जा रहा है और उन्होंने उनके स्वस्थ होने का भरोसा दिलाया.



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