झारखंड में बिजली पानी को लेकर जनता सड़क पर है. व्यवसायियों का संगठन झारखंड चैम्बर ऑफ कामर्स गुस्से में है. सूबे के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने बिजली आपूर्ति के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है. वहीं झारखंड चैम्बर ने सरकार को सात दिनों का अल्टिमेटम देते हुए कहा कि अगर बिजली आपूर्ति दुरुस्त नहीं होती है तो चैम्बर दिल्ली कूच कर केन्द्र की सरकार से फरियाद लगाएगा.
राजधानी रांची सहित राज्यभर में बिजली पानी के लिए सड़कों पर उतरे लोगों के गुस्से की तस्वीर आम होती जा रही है. लोग गर्मी में घर में परेशान और लाचार हैं. अब तो बिजली आपूर्ति की ध्वस्त व्यवस्था ने व्यवसायियों और उद्योगपतियों के चेहरों पर भी गुस्सा ला दिया है. रामगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में 90 घंटे बिजली नहीं रहने, टाटी सिल्वे औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की आंख मिचौनी से परेशान झारखंड चैम्बर ऑफ कामर्स और स्माल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने जब राज्य भर के प्रतिनिधियों को रांची बुलाकर बिजली का हाल जाना तो पता चला कि शीघ्र ही जीरो पॉवर कट का सपना दिखानेवाली सरकार में जिलों में पांच से छह घंटे बिजली सप्लाई की जा रही है. कई जगहों पर तो बिजलीकर्मी पैसा वसूली में लगे हुए मिले.
बिजली के आभाव में बुधवार सुबह तक राजधानी के ज्यादातर क्षेत्रों में रुक्का डैम से पानी नहीं मिला. वहीं जेनरेटर चलाकर फैक्ट्री चलाने के चलते व्यवसायियों को महंगा डीजल खरीदना पड़ रहा है. लोग सड़क पर उतर कर आंदोलन कर रहे हैं. चैम्बर ने सरकार से दो टूक कह दिया है कि अगर सरकारी व्यवस्था में स्थिति नहीं सुधरती है तो बिजली वितरण निगम को निजी हाथों में सौंप दिया जाए क्योंकि पूर्व की अर्जुन मुंडा सरकार ने ऐसा ही फैसला लिया था.



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