आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व मंत्री दुलाल भुइंया को रांची सीबीआई कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई है. साथ ही, उनपर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में सजा की मियाद एक साल और बढ़ जाएगी. दुलाल भुइंया पर एक करोड़ से ज्यादा की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप था.

फैसले पर पूर्व मंत्री दुलाल भुइंया ने कहा कि उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया. उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें दलित होने का नतीजा भुगतना पड़ा है. बतौर पूर्व मंत्री वे इस मामले में ऊपरी अदालत में अपील करेंगे.

इस मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर वर्ष 2013 में कांड संख्या आरसी 21ए/2013 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. दोनों पक्षो की ओर से 21- 21 गवाह पेश किये गये. सीबीआई की दलील सुनने के बाद सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्र की अदालत ने 21 जून को फैसले की तारीख तय की थी.

दुलाल भुइंया पर आरोप था कि उन्होंने मंत्री पद पर रहते हुए आय के ज्ञात श्रोत से एक करोड़ तीन लाख चार हजार 547 रुपये की ज्यादा संपत्ति बनाई. इनमें रांची और जमशेदपुर में कई जगहों पर भूखंड, कई वाहन समेत बैंकों में जमा राशि और फिक्स डिपोजिट शामिल हैं. वे वर्ष 2005 से 2009 के दौरान वे झारखंड सरकार के भू-राजस्व मंत्री रहे थे. उसी काल में उन्होंने यह अवैध संपत्ति अर्जित की थी. वे दो मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और शिबू सोरेन के कार्यकाल में भू-राजस्व मंत्री पद पर रहे थे.
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