भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी अपनी सुरक्षा के लिए आर्म्स लाइसेंस लेना चाहती हैं. इसके लिए उन्होंने रांची के मजिस्ट्रेट कार्यालय में आवेदन भी दिया है. लेकिन अब तक उन्होंने लाइसेंस नहीं मिला है.

आवेदन में साक्षी ने कहा है कि वो ज्यादातर समय घर में अकेली रहती हैं. एेसे में उनकी जान को खतरा हो सकता है. लिहाजा सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें हथियार रखने की इजाजत दी जाए. साक्षी ने लाइसेंस के लिए 2016 में ही आवेदन दिया था और तब इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई थी. लेकिन केंद्र सरकार के नये निर्देश और नये नियमों की वजह से मामला अटक गया. दोबारा फिर से सारी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं.

नए नियम के मुताबिक, जिसे भी आर्म्स लाइसेंस चाहिए, उसे हथियार चलाने की ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट देना होता है. साथ ही थाना स्तर पर वेरिफिकेशन के बाद मजिस्ट्रेट और जरूरत पड़ने पर स्पेशल ब्रांच से शख्स के बारे में छानबीन कराई जाती है. फिलहाल इन्हीं प्रक्रियाओं में साक्षी का लाइसेंस फंसा हुआ है. रांची के आर्म्स लाइसेंस मजिस्ट्रेट राजेश सिंह ने कहा कि चाहे वीआईपी हो या आम, हरेक के लिए समान प्रावधान है. सूत्रों के मुताबिक साक्षी का आवेदन एक बार फिर जिला के वरीय अधिकारी के टेबल पर पहुंच चुका है.



बता दें कि करीब 8 साल पहले साल 2010 में धोनी ने भी लाइसेंसी पिस्टल खरीदी थी. उस समय धोनी को भी लाइसेंस के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी थी. उनका आवेदन केंद्र को भेजा गया था और वहां से मंज़ूरी मिलने के बाद उन्हें लाइसेंस मिल पाया था. वैसे सुरक्षा के लिहाज से धोनी के रांची स्थित घर पर हमेशा हथियारों से लैस गार्ड्स तैनात रहते हैं. चूंकि धोनी को राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त है. इसलिए रांची पुलिस हमेशा उनकी सुरक्षा के लिए सतर्क रहती है.
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