प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये देश भर के कई जिलों के स्वास्थ्य लाभुकों से सीधे जुड़े और उनसे बातचीत की. हैदराबाद,कटक, लखनऊ, राजस्थान, गुजरात, आंध्रप्रदेश व झारखंड के रामगढ़ जिला के लाभार्थियों से पीएम ने सीधा संवाद किया. हालांकि धनबाद जिला समाहरणालय के एनआईसी सेंटर से भी स्वास्थ्य लाभुक जुड़े थे लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी.70 वर्षीय आसरा खातून और मोईस खान ने बताया कि पीएम से बातचीत नहीं होने का मलाल रह गया लेकिन उनके काम से वह हम सब के दिल में बस गए हैं.
धनबाद जिले से 12 लाभार्थियों को सीधे संवाद में बैठने के लिए चयन किया गया था लेकिन पांच लाभार्थी इस संवाद में शामिल हो पाए. खासतौर से जन औषधि केंद्र, घुटना प्रत्यारोपण और स्टेंड उपचारित लाभार्थियों से आज पीएम नरेंद्र मोदी ने सीधा संवाद किया. पीएम मोदी ने बारी बारी से सात राज्यों से शामिल लाभार्थियों से सीधा संवाद किया. पीएम ने लाभार्थियों से स्डैंड उपचारित सहित अन्य लाभार्थियों से उनका हाल जाना और इस पर खर्च होने वाली राशि का ब्योरा लिया. पीएम ने कटक के एक लाभुक से पूछा कि जन औषधि लाइसेन्स में कही कोई भ्रष्टाचार या पैसा तो नहीं देना पड़ा. इस पर लाभुक ने ना में जवाब दिया.
इस दौरान पीएम ने इस केंद्र के माध्यम से मिलने वाली सस्ती दर पर दवाओं के बारे में लाभार्थियों से जानकारी ली. पीएम ने लाभार्थियों से हाल जाना . जन औषधि केंद्र के संचालक से संवाद के दौरान वह आश्वस्त हुए कि लोग अब नौकरी की पीछे भागने के बजाय खुद के स्वरोजगार से जुड़ रहे हैं. सीधे संवाद में शामिल हुए लाभार्थियों ने सरकार द्वारा चलायी जा रही चिकित्सीय व्यवस्था की काफी सरहाना की. उन्होंने कहा कि आम लोगों को इससे काफी फायदा मिल रहा है.



Post A Comment:
0 comments so far,add yours