अगर कोई राशनधारी है तो भूख से उसकी मौत उनके विभाग की जिम्मेदारी है. अगर कोई राशनकार्ड धारी नहीं है तो उसके भूख से मौत की जिम्मेदारी विभाग की नहीं. यह बात पूरे तेवर के साथ बुधवार को जमशेदपुर में मंत्री सरयू राय ने कही. उन्होंने भूख से मौत को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.अजय कुमार की ओर से इस्तीफ की मांग के जवाब में एक प्रेसवार्ता रखी थी. इसमें मंत्री ने कांग्रेस समेत विपक्ष पर मामले को तूल देने का आरोप लगाते हुए लताड़ा.

उन्होंने रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि गिरिडीह में सावित्री देवी की मौत भूख से नहीं हुई. वे पहले से बीमार थी और रिम्स में इलाज भी हो चुका था. सरयू राय ने कहा कि विपक्ष गैर जिम्मेदार और सुस्त है. बगैर घटनास्थल पर गए सोशल मीडिया और अन्य मीडिया के माध्यम से सिर्फ सनसनी पैदा कर रहा है. मंत्री सरयू राय ने डॉ. अजय कुमार को भूख से मौत को लेकर कुछ और रिसर्च करने की सलाह दी है. मंत्री ने किताब का हवाला देते हुए दावा किया है कि भूख से मौत का दावा करना लगभग असंभव है. उन्होंने कहा कि यह साबित करना है कि मौत की वजह भूख है, असंभव है. मंत्री सरयू राय ने कहा कि आनन-फानन में निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं. मंत्री सरयू राय ने ये भी इशारा कर दिया कि प्रत्येक व्यक्ति तक अनाज की पहुंच हो उसकी जिम्मेदारी सरकार की है. उनके विभाग की जिम्मेदारी राशन कार्डधारी तक अनाज पहुंचाना है.

मंत्री सरयू राय ने यह भी कहा कि गिरिडीह से आई प्रशासनिक रिपोर्ट पर विभागीय सचिव ने असंतोष जाहिर किया है और 17 बिंदुओं पर और स्पष्टीकरण मांगा गया है. इसलिए विपक्ष का यह आरोप भी बेबुनियाद है कि मामले की लीपापोती हो रही है. चतरा के मामले में मंत्री ने कहा कि पोस्टमॉर्टम से खुलासा हो जाएगा. उन्होंने कहा कि चतरा के मामले में सुविधाएं न देने का आरोप गलत है क्योंकि मृत महिला का परिवार हाल ही में बिहार से चतरा पहुंचा था.
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