रांची I रांची में विपक्षी दलों की समन्वय समिति की पहली बैठक नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के आवास पर हुई. हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राजद, कांग्रेस, जेवीएम एवं वामदलों के नेताओं ने हिस्सा लिया. कई सामाजिक संगठनों के सदस्य भी शामिल हुए.
बैठक में भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल के खिलाफ 5 जुलाई को विपक्ष के झारखंड बंद की तैयारियों तथा राज्य में वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई. बैठक में खूंटी के कोचांग गैंगरेप और पत्थलगड़ी के बाद स्थिति पर भी चर्चा हुई. यह फैसला लिया गया कि एक विशेष टीम 5 जुलाई के बाद खूंटी भेजी जाएगी.
बैठक में शामिल नेताओं ने कहा कि सरकार जनहित की जगह चंद पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए सीएनटी-एसपीटी एक्ट के मूल भावना को ही समाप्त करने पर तुली हुई है. बता दें कि राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद राज्यपाल ने भी भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल-2017 पर अपनी मुहर लगाकार राज्य सरकार को भेज दिया है. राज्य सरकार और बीजेपी का दावा है कि ये बिल सूबे के लोगों के हित में है. लेकिन विपक्ष किसी भी हाल में इस बिल को लागू नहीं होने देने का दावा कर रहा है. विपक्ष का कहना है कि यह बिल सरकार को जमीन छिनने की छूट दे देगी. बिल के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी है.
5 जुलाई के झारखंड बंद को लेकर विपक्षी दलों ने सोमवार को जनसंपर्क अभियान भी चलाया. रांची के अलवर्ट एक्का चौक से लेकर मेन रोड के कई व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में पत्र सौंपकर विपक्षी नेताओं ने बंद को समर्थन देने का आग्रह किया. वहीं प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि 5 जुलाई का झारखंड बंद महज नौटंकी है.



Post A Comment:
0 comments so far,add yours