भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल को लेकर संयुक्त विपक्ष ने राजभवन के सामने महाधरना दिया. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार, सीपीएम नेता वंदा करात, जेवीएम नेता प्रदीप यादव ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा. विपक्ष इस बिल को वापस लेने की मांग पर अड़ा है.
नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार गलत निर्णयों के साथ आगे बढ़ रही है. हम चुनौती देते हैं कि सरकार इस पर सदन में बहस करे, हम उसे कठघरे में खड़ा कर सकते हैं और मजबूर कर सकते हैं बिल को वापस लेने के लिए. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉक्टर अजय कुमार ने कहा कि राज्य सरकार के पास 2 लाख हेक्टेयर बंजर भूमि पहले से ही है. उसके बावजूद किसानों की जमीन हड़पकर उद्योगपतियों को देने की कोशिश हो रही है. जेएमएम सांसद विजय हांसदा ने कहा कि बीजेपी ने झारखंड को एक्सपेरिमेंटल स्टेट बना दिया है. उसका मुख्य एजेंडा पूंजीपति मित्रों को जमीन उपलब्ध करना है, जो नहीं होने दिया जाएगा. जेवीएम विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि इस बिल के खिलाफ सूबे की जनता सड़क पर है और सरकार को इस बिल को वापस लेने पर विवश होना पड़ेगा.
उधर प्रदेश बीजेपी ने विपक्ष के धरना को नौटंकी करार देते हुए कहा कि इस बिल पर विपक्ष लगातार भ्रम फैला रहा है. बता दें भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल के खिलाफ संयुक्त विपक्ष का आंदोलन लगातार जारी है. इस मुद्दे पर झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र भी गर्म रहने वाला है. सत्र के पहले दिन सोमवार को विपक्ष ने इसके संकेत दे दिये हैं.



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