झारखंड में कृषि के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रयोग करने की कोशिश की जा रही है. कम वर्षा वाले क्षेत्र में किस प्रकार खेती हो सकती है इसका अनुभव लेने और खेती, पशुपालन समेत संबंधित सेक्टर के विकास के लिए झारखंड के किसान इजरायल गये हैं. वे इजरायल की तकनीक और किसानों के अनुभव को जानने की कोशिश करेंगे.
झारखंड के 26 किसानों को सीएम रघुवर दास ने बड़ी उम्मीद के साथ इजरायल भेजा है. इसलिए भेजा है कि वे कृषि और इससे जुड़े प्रक्षेत्र में उपयोग में आ रही तकनीक को देखेंगे. अपने आवास पर सीएम ने किसानों से बातचीत की. इसके बाद इन्हें बस से एयरपोर्ट भेजा. जहां से वे दिल्ली होते इजरायल जाएंगे. रांची के 3 किसान समेत पूरे प्रदेश से 26 किसान गए हैं. सीएम ने इनसे इस यात्रा में ईमानदारी से अनुभव लेने का आग्रह किया.
सीएम का कहना है कि झारखंड में कृषि के क्षेत्र में अपार संभावना है. इजरायल में कम बारिश वाले क्षेत्र में बेहतर कृषि होती है. सिंचाई सिस्टम भी खास है. पशुपालन, फलों की खेती, खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में इजरायल ने दुनिया में उदाहरण पेश किया है.
सरकार ने पहले ही घोषणा की थी कि झारखंड के किसान को इजरायल भेजा जाएगा. ताकि वे बेहतर कृषि तकनीक को जान पाएं. ये 26 किसान वहां के किसानों से बात करेंगे और अनुभव को साझा करेंगे. अपनी यहां की परंपरागत खेती के बारे में उन्हें बताएंगे. सीएम रघुवर दास ने कहा है कि इसी साल नवंबर में एग्रो मोमेन्टम झारखंड का आयोजन होगा. इसमें देश-विदेश के किसानों को तकनीक से रु ब रु कराया जाएगा. विदेश से भी लोग आएंगे. आर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. यूरोप में इसकी मांग काफी है.
इसी साल अक्टूबर में किसानों का दूसरा दल भी इजरायल जाएगा. इस दल में हजारीबाग, गढ़वा के उपायुक्त और कृषि विभाग के 3 अधिकारी शामिल हैं. कृषि सचिव पूजा सिंघल का कहना है कि किसानों के इस विदेश दौरा से अच्छा लाभ मिलेगा.



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