मिशनरीज ऑफ चैरिटी के निर्मल हृदय समेत रांची के सात बालगृहों का निबंधन रद्द हो सकता है. रांची उपायुक्त ने इस सिलसिले में समाज कल्याण विभाग को अनुशंसा भेजा दी है. विभाग अब इस सिफारिश पर एक- दो के अंदर फैसला ले लेगा.
इन सात बालगृहों लोक विकास बिंदु, महर्षि वाल्मिकी विकलांग अनाथ सेवाश्रम, आंचल शिशु आश्रम, दीया सेवा संस्थान, ईडीआईएसएस, आदिम जाति सेवा मंडल के अलावा मिशनरीज ऑफ चैरिटी के निर्मल हृदय शामिल हैं. इन बालगृहों में से ज्यादातर में व्यवस्था का अभाव पाया गया, जिसके कारण निबंधन रद्द करने की सिफारिश की गयी है. वहीं तीन बालगृहों को स्थिति में सुधार लाने के लिए एक से तीन महीने का समय दिया गया है.
समाज कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव राजेश सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन की तरफ से एेसी अनुशंसा आई है. उस पर एक-दो दिन के अंदर फैसला ले लिया जाएगा.
बता दें कि बच्चा बेचने के मामले को लेकर मिशनरीज ऑफ चैरिटी का निर्मल हृदय होम सुर्खियों में आया. इसके बाद रांची प्रशासन ने जिले के सभी 17 बालगृहों की जांच करवाई, जिनमें कई गड़बड़िया मिलीं. उसी आधार पर ये सिफारिश की गई है. जिला प्रशासन ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी के हिनू स्थित शिशु भवन का भी लाइसेंस स्थगित रखने का प्रस्ताव समाज कल्याण विभाग के पास भेजा है.



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