साफ-सफाई को लेकर हमेशा सवालों के घेरे में रहने वाले रांची नगर निगम की पोल सोमवार को उस वक्त खुल गई, जब बोर्ड की बैठक हो रही थी. सफाई पर सदन में गलत आंकड़ें पेश करने पर पार्षदों ने जमकर हंगामा किया, जिसके कारण बोर्ड की बैठक को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा.
बिगड़ते माहौल को देखते हुए मेयर आशा लकड़ा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर साफ-सफाई में तेजी लाने का निर्णय लिया, जिसके बाद नाराज पार्षद शांत हुए. नाराज पार्षदों का मानना है कि गंदगी के कारण राजधानी में चिकनगुनिया, डेंगू सहित कई बीमारियां फैल रही हैं और नगर निगम हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है. मेयर के उदासीन रवैये पर पार्षदों ने जमकर हंगामा मचाया.
आधे घंटे के स्थगन के बाद जब फिर से बैठक शुरू हुई तो सफाई करने वाली एजेंसी एमटीएस के अधिकारियों से सदन में जवाब तलब किया गया. एमटीएस अधिकारियों के द्वारा दिये गये आंकड़े भी गलत निकले. मजदूरों और गाड़ियों की संख्या ज्यादा बताने पर एक बार फिर पार्षद भड़क उठे. काफी मान-मनोव्वल के बाद मेयर ने राजधानी में साफ- सफाई की व्यवस्था में तेजी लाने का भरोसा दिलाकर मामले को शांत कराया.
निगम बोर्ड की बैठक में 17 प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, मगर अधिकांश समय हंगामा और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में बीता गया.



Post A Comment:
0 comments so far,add yours