9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर प्रदेश कांग्रेस कमिटि द्वारा चाईबासा के कांग्रेस भवन में आदिवासी दिवस मनाया गया. जिसमें झारखंड के कांग्रेस प्रभारी डॉ आरपीएन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार शामिल हुए.

साथ ही पूर्व विधानसभा अध्यक्ष आलमगीर आलम, पूर्व सांसद प्रदीप बालमुचू, पूर्व विधायक डीएन चांपिया, पूर्व विधायक बन्ना गुप्ता, पूर्व सांसद चित्रसेन सिंकू, कोल्हान कॉडिनेटर रमा खलखो सहित पूरे कोल्हान के आदिवासी और गैर आदिवासी कांगेस के नेता शामिल हुए. वहीं बड़ी संख्या में विभिन्न प्रखंडों से भी आदिवासी महिला-पुरूष, युवा, छात्र भी कांग्रेस के आदिवासी दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए.

आदिवासी दिवस के मौके पर कांग्रेस ने कोल्हान में अपनी पुराने किले को फिर से मजबूती देने की कोशिश की. इसलिए आदिवासियों के हितों पर चर्चा तो जरूर की, लेकिन उससे कहीं अधिक कांग्रेस के सभी नेता अपने भाषण में आरएसएस और भाजपा को ही निशाना बनाते दिखे. स्थिति तो ऐसी थी कि कांग्रेस के नेता के लिए यह आदिवासी दिवस ना होकर आरएसएस-भाजपा कोस दिवस हो गया.

झारखंड प्रभारी डॉ आरपीएन सिंह ने इतना जरूर कहा कि आदिवासियों की जमीन छीनने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस आदिवासियों की जमीन बचाने के लिए आखिरी लड़ाई लडने को तैयार है. झारखंड प्रभारी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 15 लाख अब तक किसी के खाते में नहीं आएं हैं. राफेल डील में गड़बड़ी हुई हैं, दो करोड युवाओं को नौकरी नहीं मिली है, 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही है, मोदी जी जुमलों की बारिश कर सरकार चला रहे हैं.


वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार पूरी तरह आरएसएस-भाजपा को कोसते रहे. अजय कुमार ने कहा कि आरएसएस-भाजपा के डीएनए में मनुवाद और मनुस्मृति है. दो हजार साल पुरानी परंपरा को आरएसएस-भाजपा फिर से देश में लागू करना चाहती है. भाजपा का मकसद सिर्फ सांसद-विधायक बनाना नहीं है, बल्कि मनुवाद लागू करना है. इसलिए कांग्रेस के हर कानून में बदलाव करने पर तूली है.
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