टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग के मसले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि एनएच-33 का निर्माण हर में चालू रहना चाहिए. कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि चाहे जो निर्णय लेना हो लें, लेकिन कार्य बाधित नहीं होना चाहिए.

न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायाधीश अनिल कुमार चौधरी की कोर्ट में मामले पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट में एनएचएआई, निर्माण कंपनी, केनरा बैंक और राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखा गया. एनएचएआई ने निर्माण कंपनी रांची एक्सप्रेस वे से निर्माणकार्य नहीं कराने का आग्रह किया. इस पर कोर्ट ने पूछा कि नई कंपनी को लाने में कितना समय लगेगा. निर्माणकार्य कब तक पूरा होगा. इस पर एनएचएआई विचार करे.

निर्माण कंपनी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि एनएचएआई जिस कंपनी से चाहे काम करवा ले. कंपनी उस कंपनी को सहयोग करेगी. बैंक ने कहा कि क्यों न सभी पक्ष बैठकर कर निर्णय कर लें. कोर्ट ने एनएचएआई को सभी पक्षों के साथ बैठक कर एक ठोस प्लान बनाने को कहा है. साथ ही बैठक में लिये गये निर्णय से कोर्ट को अवगत कराने का भी आदेश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 23 अगस्त को होगी.
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