धनबाद के गोमो में मौर्य एक्सप्रेस और ईएमयू पैसेंजर ट्रेन को आपस में टकराने से बचा लिया गया. मौर्य एक्सप्रेस को हरी झंडी की सिग्नल दी गई थी और ईएमयू ट्रेन सिग्नल को अपना मान चल पड़ी थी. गलती का पता चलने के तुरंत बाद इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ईएमयू ट्रेन को ड्राइवर ने रोक दिया. स्टेशन मास्टर के सतर्क रहने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया. धनबाद रेल मंडल ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं.
बता दें कि हटिया-गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस गोमो स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर खड़ी थी. आगे बढ़ने के लिए मौर्य एक्सप्रेस को सिग्नल दिया गया. मगर प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़ी गोमो-आसनसोल ईएमयू पैसेंजर ट्रेन के ड्राइवर ने मौर्य एक्सप्रेस के सिग्नल को अपना सिग्नल समझ कर ट्रेन को खोल दिया. ईएमयू पैसेंजर ट्रेन को आगे बढ़ते देख स्टेशन मास्टर ने ध्वनि विस्तारक यंत्र से ईएमयू को रूकने के लिए सूचना प्रसारित कर दिया. स्टेशन पर ड्यूटी में मौजूद रेलकर्मी और यात्री ईएमयू को रोकने के लिए चिल्लाने लगे. तभी ईएमयू के ड्राइवर आरबी सिंह ने प्रसारित सूचना, रेलकर्मियों और यात्रियों के शोर को सुनकर ट्रेन को अपने स्टार्टर सिग्नल के पहले रोक दिया.
बता दें कि तबतक ईएमयू पैसेंजर ट्रेन की तीन बोगी स्टेशन से बाहर निकल चुकी थी. अगर ईएमयू ट्रेन को नहीं रोकवाया जाता तो सिग्नल से कुछ ही दूरी पर क्रॉसिंग के पास ट्रेन बेपटरी हो जाती और मौर्य एक्सप्रेस से टकरा जाती. यह घटना शुक्रवार की रात करीब पौने दस बजे की है. दोनों ट्रेनों के आपस में टकरा जाने की घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि दोनों ही ट्रेनों को उसी क्रॉसिंग प्वाइंट से होकर धनबाद की ओर जाना था.
स्टेशन मास्टर प्रभात चौधरी ने इस घटना के संदर्भ में धनबाद रेल मंडल के वरीय अधिकारी को अवगत करा दिया है. अब धनबाद के अधिकारी इस मामले से आसनसोल मंडल के अधिकारी को अवगत कराएंगे जिसके बाद ईएमयू ट्रेन के चालक के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी.



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