झारखंड में आज (शुक्रवार) रघुवर सरकार के चार साल पूरे हो गये. 28 दिसंबर 2014 को वर्तमान सरकार ने सूबे की कमान संभाली थी. पिछले चार साल में काफी काम हुए. झारखंड सत्ता की अस्थिरता से स्थिरता की राह पर चल पड़ी है. सत्तापक्ष के लोग इस कार्यकाल को विकास के चार साल बता रहे हैं, जबकि विपक्ष को सिर्फ खामियां नजर आयी हैं.

मंत्री लुइस मरांडी का कहना है कि पहली बार मंत्री बनने का अनुभव मिला. इस दौरान विभाग में कई नये काम किए. स्कॉलरशिप योजना, शहीद ग्राम विकास योजना जैसी कई योजनाओं को धरातल पर उतारा. पहली बार सरकार ने शहीदों को उचित सम्मान दिया.

कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि सरकार ने विकास के लक्ष्य को पूरा किया है. पहले झारखंड भ्रष्टाचार के लिए जाना जाता था. लेकिन अब विकास के लिए. गुजरात के बाद देश में दूसरा उभरता हुआ राज्य झारखंड है. बतौर मंत्री सूबे का कृषि विकास दर माइनस चार से 14 प्रतिशत पर पहुंच गया है. किसानों और नौजवानों के लिए काफी काम हुए हैं.

हालांकि कांग्रेस विधायक बादल पत्रलेख मंत्रियों के दावे को नकारते हुए कहते हैं कि ये सरकार अपनी घोषणाओं को धरातल पर उतारने में फेल हो गई है. शिक्षा, ग्रामीण विकास विभाग के तहत कोई खास काम नहीं हुए. वहीं कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी का कहना है कि चार साल में कोई काम नहीं हुआ. सिर्फ जनता को ठगने और बाहरी लोगों को बसाने का काम हुआ. झारखंड मोमेंटम के नाम पर जनता का पैसा पानी की तरह बहाया गया.

बीजेपी विधायक राज सिन्हा ने कहा कि सरकार ने विकास के बहुत सारे काम किये. चार साल में जितना काम हुआ, उतना पहले कभी नहीं हुआ था. आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए किये गये काम सराहनीय है. बीजेपी विधायक बिरंची नारायण का कहना है कि सूबे में चौमुखी विकास हुआ. झारखंड की सड़कें पूरे देश में सबसे अच्छी हैं. 68 हजार गांवों में बिजली पहुंच गई है. यह सरकार 2019 में फिर से लौटेगी.

मंत्री अमर बाउरी ने कहा कि सरकार ने बहुत सारे अनसुलझे और अनछुए मुद्दों को हल करने का प्रयास किया. झारखंड आज प्रगति के पथ पर आगे है. बुनियाद खड़ी हो गई है अब बड़ी इमारत बनेगी.
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