झारखंड में पिछले 24 सितम्बर से हड़ताल कर रहे सूबे के पारा शिक्षकों की शिक्षामंत्री से वार्ता बेनतीजा रही. गुरुवार दिन भर सदन में पारा शिक्षकों के मुद्दे पर हंगामा होता रहा. लिहाजा शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर पारा शिक्षकों को वार्ता के लिए बुलाया था. लेकिन साढ़े तीन घंटे तक जारी शिक्षा मंत्री के साथ पारा शिक्षकों की वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकल पाया. पारा शिक्षकों ने कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा.
पारा शिक्षकों के 11 प्रतिनिधियों और शिक्षा मंत्री के बीच राज्य सचिवालय में शाम 6 बजे से वार्ता शुरू हुई जो देर रात तक चली, लेकिन सबकुछ वेतनमान के मुद्दे पर आकर अटक गया. पारा शिक्षक वेतनमान की मांग करते रहे जबकि सरकार मानदेय बढाने की बात करती रही. आखिर में जब वार्ता खत्म हुई तो पारा शिक्षकों के चेहरे पर नारजगी साफ तौर पर देखी जा सकती थी. सभी ने सचिवालय के बाहर निकलते ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और वेतनमान की बात कही.
बताया जा रहा है कि शिक्षा मंत्री और पारा शिक्षकों के बीच हुई वार्ता में भाजपा के दो विधायक भी शामिल थे. लेकिन फाईलों की नियमावली और कोर्ट के कई निर्णयों के आधार पर सरकार ने माना कि पारा शिक्षकों को वेतनमान देना किसी भी सूरत में संभव नहीं है. लिहाजा शिक्षा मंत्री अजमंजस में थी. शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने मानदेय बढ़ाने की पेशकश की तो पारा शिक्षकों ने नकार दिया. आखिरकार शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने भी मान लिया कि वार्ता बेनतीजा समाप्त हुआ है. उन्होंने कहा कि उन्होंने दो कदम बढ़ने की कोशिश की लेकिन पारा शिक्षक टस से मस नहीं हुए.
राज्य सचिवालय में शिक्षामंत्री से वार्ता बेनतीजा समाप्त होने के बाद पारा शिक्षक नारेबाजी करते हुए सचिवालय से लौट गए. उनका कहना था कि बगैर वेतनमान के वे स्कूलों में नहीं लौटेंगे. यानी पारा शिक्षकों की हड़ताल जारी रहेगी. फिलहाल सदन में पारा शिक्षकों का मुद्दा नहीं उठेगा क्योंकि सदन की कार्यवाही अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित कर दी गई है.



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