झारखंड की राजधानी रांची में जमीन विवाद में हत्या का सिलसिला जारी है. मंगलवार रात आदिवासी शख्स की हुई हत्या के विरोध में स्थानीय लोगों ने डोरंडा के घाघरा इलाके में रोड जामकर प्रदर्शन किया. इस दौरान पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई.
स्थानीय लोगों ने कहा कि आदिवासी समाज की जमीन पर भू-माफियाओं की नजर है और इस सिलसिले में उपायुक्त से लेकर सीएम तक से शिकायत कर चुके हैं. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. मंगलवार और 28 दिसम्बर की घटना उसी का नतीजा है.
दरअसल 28 दिसम्बर को भी डोरंडा के घाघरा इलाके में अरुण किस्पोट्टा नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसके दस दिन बाद 8 जनवरी को घाघरा में ही सामू उरांव और शंकर सुरेश उरांव को गोली मार दी गई. इससे सामू की मौत हो गई, जबकि शंकर अस्पताल में भर्ती है.
लोगों का आरोप है कि सबकुछ जानते हुए प्रशासन पहले चुप रहता है और घटना घटने के बाद कार्रवाई करता है. इनका ये भी कहना है कि घटनाओं को अंजाम देकर भू-माफिया गांववालों को डराना चाहते हैं. अगर पहली घटना पर कार्रवाई हो जाती तो दूसरी नहीं घटती. परिजनों की माने तो पास में शराब की दुकान है, जहां आसामाजिक तत्वों का अड्डा लगा रहता है. इसलिए आये दिन वारदात होती रहती है.



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