झारखंड के 80 हजार पुलिसकर्मी खाली पेट काम कर अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्राधिकार के खिलाफ विरोध जताएंगे. पहले चरण के आंदोलन की सफलता के बाद पुलिसकर्मी अब दूसरे चरण की तैयारी में जुट गये हैं. पुलिस एसोसिएशन, मेंस एसोसिएशन और चतुर्थ वर्गीय पुलिसकर्मियों के संघ संयुक्त रुप से दूसरे चरण को सफल बनाने की रणनीति तैयार कर रहे हैं. इस गतिरोध के लिए राज्य पुलिस मुख्यालय को जिम्मेदार ठहराया गया है. राज्य पुलिस मुख्यालय के वरीय अधिकारी हल निकलने की उम्मीद जता रहे हैं.
सात सूत्री मांगों को लेकर राज्य के पुलिसकर्मियों के चरणबद्ध आंदोलन का दूसरा चरण बुधवार से शुरू होगा. सूबे के 80 हजार पुलिसकर्मी अपनी मांगों को लेकर उपवास पर रहेंगे. विभिन्न जगहों पर तैनात पुलिसकर्मी जहां खाली पेट काम कर अपना विरोध जताएंगे वहीं तीनों एसोसिएशन से जुड़े अधिकारी पुलिस मुख्यालय और जिला मुख्यालय के सामने उपवास पर बैठ अपना विरोध प्रकट करेंगे. उसके अगले दिन से आंदोलन के तीसरे चरण के लिए सामूहिक अवकाश को लेकर आवेदन देने का सिलसिला शुरु कर दिया जाएगा. एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मानें तो सभी सात मांगों पर सरकार का रुख साकारात्मक है.
सरकार ने तो बकायदा 13 माह के वेतन देने की घोषणा भी कर रखी है लेकिन राज्य पुलिस मुख्यालय के हटधर्मिता के कारण मामला फंसा है. पुलिसकर्मियों के तीनों संगठन 13 माह का वेतन, विभागीय सीमित सेवा परीक्षा को समाप्त करने, वर्दी भत्ता समेत अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन पर हैं.आंदोलन के पहले चरण में चार दिनों तक पुलिसकर्मियों ने काला बिल्ला लगा कर काम कर अपना विरोध प्रदर्शन किया. वहीं दूसरे चरण में सामूहिक उपवास कर विरोध जताएंगे. इसके बात तीसरे चरण में पुलिसकर्मी 28 फरवरी से 4 मार्च तक सामूहिक अवकाश पर जाएंगे.



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