झारखंड में महागठबंधन दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर तकरार जारी है. दिल्ली में जेएमएम- कांग्रेस के बीच तय हुआ फॉर्मूला जेवीएम और आरजेडी को मंजूर नहीं है. जेवीएम और आरजेडी ने साफ कह दिया है कि दलों की जमीनी ताकत और जीत की संभावनाओं को ध्यान रखे बिना समझौता करने का कोई मतलब नहीं. इस बीच कांग्रेस के नेता जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी को मनाने में जुटे हुए हैं.
शुक्रवार देर शाम पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने बाबूलाल मरांडी से मुलाकात की और मनाने का प्रयास किया. उधर अहमत पटेल और आरपीएन सिंह ने फोन पर बात कर बाबूलाल को रिझाने की कोशिश की. सुबोधकांत ने दावा किया कि झारखंड में कांग्रेस, जेएमएम, जेवीएम और आरजेडी का महागठबंधन एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेगा. महागठबंधन का उद्देश्य भाजपा के झूठ के साम्राज्य को ध्वस्त करना है. सहाय ने कहा कि बाबूलाल झारखंड के सम्मानित नेता हैं और महागठबंधन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. महागठबंधन में एक-दो सीटों को लेकर, जो मसले सामने आ रहे हैं, उन्हें जल्द ही सुलझा लिया जायेगा.
बता दें कि न्यूज-18 से खास बातचीत में बाबूलाल मरांडी साफ तौर पर कह चुके हैं कि उन्हें तीन सीट से कम मंजूर नहीं है. गोड्डा, कोडरमा और चतरा को लेकर उनकी स्पष्ट दावेदारी है. गोड्डा सीट जेवीएम को हर हाल में चाहिए. कोडरमा पर वह कंप्रोमाइज कर सकते हैं.
गोड्डा सीट के लिए कांग्रेस नेता फुरकान अंसारी भी अड़े हुए हैं. पिछले चुनाव में वह वहां दूसरे नंबर पर रहे थे. ऐसे में उनका कहना है कि गोड्डा पर उनकी स्पष्ट दावेदारी बनती है. जबकि जेवीएम गोड्डा सीट प्रदीप यादव के लिए चाह रहा है. इन सबके बीच आरजेडी भी पलामू, चतरा और कोडरमा सीट को लेकर अड़ा हुआ है. हालांकि पार्टी कोडरमा सीट पर समझौता कर सकती है.



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