पोरैयाहाट | झामुमो के युवा कार्यकर्ता मदन महतो आज भी अपने क्षेत्र में उतने ही सक्रिय हैं जब वर्ष 2012 में पार्टी की सदस्यता ग्रहण किए थे। पोरैयाहाट में मदन महतो की सक्रियता किसी भी प्रकार से कम नहीं हुई हैं, और एक नेता के लिए, एक पार्टी कार्यकर्ता के लिए इससे दूसरी कोई बड़ी बात हो ही नहीं सकती। आज मदन महतो अपने क्षेत्र में आदिवासियों का, झामुमो का और युवाओं का एक बड़ा नाम बन चुका है। पोरैयाहाट जाकर आम जनता के मन को टटोलने का हमारे अखबार के संवाददाता को मौका मिला। इसमें कुछ बातें सामने आईं हैं। जो सबको चौंकाने वाली है। भला एक पार्टी के कार्यकर्ता कितना हिम्मत रखता है यह आप खुद पढ़कर समझ सकते हैं। पोरैयाहाट विधानसभा की स्थिति ऐसी है कि जब भी वहां चुनाव होंगे और मदन महतो खड़ा हो गया तो जीत के लिए किसी से पूछने की जरूरत शायद नहीं, जीत मदन महतो की होगी, क्योंकि मदन महतो ने जनता के बीच सीधा संबंध बनाया है, जो किसी ने नहीं बनाया। अगर किसी कारणों से मदन महतो को चुनाव नहीं लड़ने दिया गया तो जीतेगा वहीं, जिस पर मदन महतो हाथ रखेगा, क्योंकि जनता तो जनता है, वह उसी को चाहेगी, जो उसका होगा। पोरैयाहाट विस में क्या बुढ़ा, क्या जवान, क्या महिलाएं, सभी के जुबान पर मदन महतो का नाम है। मदन महतो की लोकप्रियता से मदन महतो के विरोधी भी पस्त हैं, उन्हें समझ ही नहीं आ रहा कि क्या करें और क्या न करें?
पार्टी के लिए महागठबंधन अपनी जगह
आज राजनीतिक क्षेत्र में महागठबंधन को लेकर बवाल चल रहा है। किसी तरह से झारखंड में एक मजबूत सरकार बने इसको लेकर लगातार आला कमान की बैठकें हो रही है। इस संबंध में मदन महतो ने साफ कहा कि महागठबंधन अपनी जगह है। मैं क्षेत्र की जनता की सेवा के लिए हूं। यदि मैं लोगों की अच्छी सेवा की है तो मुझे इसका परिणाम कभी भी अच्छा ही मिलेगा। मेरे लिए तो लोगों की समस्याएं सुलझाना ही सबसे अच्छा काम है। इसलिए आज भी प्रतिदिन पंचायत में जाकर लोगों के साथ बातचीत करना, उनकी समस्याओं को अपनी समस्या मानना और उसे हल करना मेरा पहला काम है। इसके अलावा मुझे नहीं लगता कि और कोई शार्ट कट है जिससे राजनीतिक के क्षेत्र में अच्छा मान-सम्मान मिल सके। मदन महतो पूरे विश्वास के साथ कहते हैं कि पोरैयाहाट विस में यदि पार्टी मुझे मौका देती है तो मैं पूरी निष्ठा के साथ काम करते हुए जीत दिलाऊंगा। भाजपा सहित अन्य पार्टी के लिए सीट निकाल पाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में ज्यादा अभी नहीं कहूंगा, लेकिन यदि पार्टी जिम्मेवारी देती है तो जीत कर दिखाउंगा, यह हमारा विश्वास है। कहा कि गुरुजी का फैसला और पदाधिकारियों की सहमति मिली तो यह मौका भी मिल सकता है।
ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है : मदन महतो
मदन महतो अंग्रेजी के एक कहावत को ही अपना मूलमंत्र मानते हैं और इसी रास्ते पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि Honesty is the best policy अर्थात ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है। मदन महतो कहते हैं कि यह सब जगह लागू होता है। पार्टी के प्रति ईमानदारी, जनता के प्रति ईमानदारी, परिवार के प्रति ईमानदारी यानि सब जगह ईमानदारी के बल पर ही विश्वास को जीता जा सकता है। विश्वास लाना एक दिन का काम नहीं यह तपस्या के समान है। अपनी आदत में ईमानदारी को शामिल करने के बाद तपस्या पूरी होती है। इसलिए मेरे लिए ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है। उन्होंने दावा कि इसी के बल पर मैं राजनीतिक के क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति बनाना और दिखाना चाहता हूं।




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