झारखंड के लोहरदगा में पन्द्रह वर्ष से अधिक समय से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के प्रयास में जुटे एक ही परिवार के पांच सदस्यों को सफलता मिली है. हर बार प्रखंड कार्यालय, जिला मुख्यालय और सदर अस्पताल का चक्कर लगाने वाले इस परिवार ने अब चैन की सांस ली हैं. जिस कार्य को बिना किसी सवाल के करना चाहिए था. वहीं स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें हमेशा कार्यालय का चक्कर लगवाने का काम किया था.
दरअसल किस्को प्रखंड के सलैया अंबा टोली निवासी एक ही परिवार के ये पांच सदस्य अपने अधिकार को पाने के लिए लगातार परेशान रहे. अस्सी प्रतिशत एक ही परिवार के पांच भाई बहनों का दिव्यांग प्रमाण पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रयास पर बना. पीड़ित प्रदीप उरांव, प्रवीण उरांव, नरेश उरांव, फुलमनी उरांव और फुलकुमारी उरांव एक ही परिवार के सदस्य हैं. किसी प्रकार इनके द्वारा थोड़ी बहुत पढ़ाई करने का काम किया गया हैं. बकरी चराकर और दूसरे स्थान पर काम कर ये दिव्यांग अपना पेट पाल रहे थे. इनके हक का प्रमाण और पेंशन इन्हें नहीं मिल पा रहा था.
बीस जनवरी को कुडू प्रखंड में आयोजित डीएलएसए मेले में यह परिवार पीएलवी के साथ किसी प्रकार पहुंचा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव से अपनी समस्याओं को लेकर गुहार लगाई. मौके पर ही कोर्ट ने तत्काल इनका प्रमाण पत्र बनाने और पेंशन योजना शुरू करने का आदेश दिया. तब जाकर इस परिवार को सरकारी लाभ मिलने की प्रक्रिया शुरू हो पाई.
पीड़ित सभी पांच भाई का दिव्यांग प्रमाण पत्र तीस जनवरी को सदर अस्पताल में बनाया गया और अब आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही हैं. समस्याओं से जूझ रहे इस परिवार को अब उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी हैं. जिसको लेकर परिवार में खुशी का माहौल है.



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