झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के घोषणा पत्र को बीजेपी ने झूठ का पुलिंदा करार दिया है. भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा ने कहा कि घोषणा पत्र में कई ऐसी घोषणाएं हैं, जिनसे जेएमएम का झूठ पकड़ा जाता है.

प्रदीप वर्मा ने कहा कि जेएमएम ने अनिश्चय की स्थिति में निश्चय पत्र तैयार किया है. इसमें राजनीतिक असहनशीलता का जिक्र है, लेकिन जब हेमंत सोरेन पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के साथ मंच शेयर करते हैं, तो उन्हें राजनीतिक असहनशीलता दिखाई नहीं पड़ती. वहां लोकतंत्र खतरे में है, लेकिन हेमंत सोरेन को ये नजर नहीं आती.

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि जब हेमंत सोरेन सत्ता में थे, तो मुबंई से पूंजीपतियों को बुलाकर सूबे के बालू घाटों की नीलामी की. गैरसियासी पूंजीपतियों को राज्यसभा में भेजा. उस समय इन्हें पूंजीपतियों का गिरोह नजर नहीं आया. बीजेपी नेता ने आदिवासी और सीएनटी- एसपीटी के मुद्दे पर भी जेएमएम पर निशाना साधा.

बता दें कि लोकसभा चुनाव के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने अपना घोषणा पत्र जारी किया है. पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने इसे जारी किया. पार्टी ने इसका नाम निश्चय पत्र रखा है, जिसमें जनता से पांच निश्चय किये गये हैं.
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