धनबाद। बच्चों को चुराकर दूसरे शहरों में उनकी किडनी बेचने वाले गिरोह के चार अपराधियों को सोमवार को आरपीएफ ने धनबाद स्टेशन पर दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध कबूल लिया है। उन्होंने तिलैया और गया के डॉक्टर की मदद से किडनी निकालने की बात भी स्वीकारी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके गिरोह में 14 लोग और हैं। आरपीएफ ने आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें रेल पुलिस के हवाले कर दिया। उनसे गहन पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि रैकेट में कहां के डॉक्टर शामिल हैं। दरअसल गया और तिलैया में किडनी निकालने जैसी व्यवस्था नहीं है। इससे यह संदेह है कि गिरोह के सदस्य कहीं बाहर के डॉक्टरों को बचाने के लिए तो गया और तिलैया का भ्रम तो नहीं फैला रहे हैं।

दरअसल सोमवार को अजमेर से सियालदह जा रही ट्रेन में एक महिला यात्री के बच्चे को चुराकर गिरोह के सदस्य भाग रहे थे। उस अपराधी को यात्रियों ने तत्काल दबोच लिया। टे्रन के धनबाद पहुंचने पर अपराधी को यात्रियों ने आरपीएफ के हवाले कर दिया गया। पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाला खुलासा किया। उसकी निशानदेही पर ही जम्मूतवी से कोलकाता जा रही टे्रन जब धनबाद स्टेशन पहुंची तब उसमें से भी तीन अन्य अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए अपराधी बच्चों को चुराकर उन्हें अलग-अलग शहरों में ले जाते थे। वहां डॉक्टरों की मिलीभगत से उन बच्चों की किडनी निकाल ली जाती थी।

इनकी हुई गिरफ्तारी

- 12988 अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस से

अंजु गिरि, करीम नगर, तिम्मापुर तेलंगाना

- 13152 जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस से

अनिल वैद्य पिता जुमहारी राठौर

हनीफ, पिता विकास

बहरा, पिता अनिल उर्फ उवैल्ले उर्फ मरजिद

सभी बिहार के गया जिले के बेला, निलहरी के रहने वाले हैं।

मोबाइल पर तस्वीर देख कबूला अपराधः पकड़े गए अपराधियों से आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट हेमंत कुमार ने भी पूछताछ की। इस दौरान उन्हें मोबाइल पर किडनी निकाले गए बच्चों की तस्वीर दिखाई गई। पूछा गया कि क्या ऐसे ही किडनी निकाली जाता है। इस पर उन्होंने अपना अपराध कबूल लिया।

उत्तर प्रदेश में बच्चों के किडनी निकाल लेने की वारदात की सूचना मिल रही थी। आज सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई। झारखंड और बिहार के साथ अन्य राज्यों में भी इनका नेटवर्क हो सकता है। गिरोह में डॉक्टर भी शामिल हैं। मामले को जीआरपी को हैंडओवर किया गया है। जांच में कई चाैंकाने वाले तथ्य उजागर हो सकते हैं।

बीपी सिंह, सरायक कमांडेंट, आरपीएफ, धनबाद रेल मंडल
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