भारतीय जननाट्य संघ (इप्टा) के 75 साल पूरे होने पर चाईबासा इप्टा शाखा द्वारा प्लैटिनम जुबली समारोह का आयोजन पिल्लई हॉल में किया गया. इसका उद्घाटन नगर पर्षद के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार ठाकुर ने किया. इस मौके पर चाईबासा के इप्टा के कलाकरों को सम्मानित भी किया गया.
इप्टा के प्लैटिनम जुबली समारोह में बिहार के प्रसिद्ध साहित्यकार फणिश्वर नाथ रेणू की कहानी पंचलाइट का नाट्य मंचन कोलकता से आए बंगाली कलाकारों ने किया. बिहार के ठेठ गंवई अंदाज और वेशभूषा में हिन्दी नाटक का प्रस्तुति कर बंगाली कलाकारों ने सभी को प्रभावित किया. डेढ घंटे के इस हिन्दी नाटक में बंगाली कलाकारों ने जिस तरह अभिनय किया और अपने इमोशन दिखाए, वैसा हिन्दी फिल्मों और टीवी सीरियलों में भी देखने को नहीं मिलता. बता दें कि नाटक देख रहे दर्शकों में से कोई भी डेढ़ घंटे तक हिला-डुला नहीं.
फणिश्वर नाथ रेणू ने यह कहानी उस समय लिखी थी, जब गांव ढिबरी युग में जी रहा था. उसी दौर में गांव वालों ने पैसे इक्कठा कर एक नया पेट्रोमैक्स खरीदा. लेकिन पेट्रोमैक्स को जलाना किसी को नहीं आता था. लेकिन तभी गांव में एक युवक आता है और पेट्रोमैक्स को जला देता है. इसके बाद गांव में खुशी और जश्न का दौर शुरू हो जाता है. पेट्रोमैक्स खरीदने से लेकर पेट्रोमैक्स जलाने तक फणिश्वर नाथ रेणू ने कहानी लिखी थी. बंगाल के कलाकारों ने अपने जीवंत अभिनय से सबका दिल जीत लिया.
कलाकारों के अभिनय को प्रोत्साहित करने के लिए नगर पर्षद अध्यक्ष मिथिलेश ठाकुर ने अपनी ओर से पांच हजार रुपयों का पुरस्कार दिया. चाईबासा नगर पर्षद अध्यक्ष मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि इप्टा ने विश्व में अपना एक स्थान बना लिया है. भारत में इप्टा की लगभग 600 शाखाएं हैं. नुक्कड़ नाटकों से और अपनी लेखनी से समाज में फैली हुई कुरीतियों को दूर करना है. इसका मुख्य काम समाज में जागरूकता पैदा करना है.



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