5 जुलाई यानी गुरुवार को विपक्ष के बंद को लेकर गृह सचिव और डीजीपी ने बुधवार को संयुक्त प्रेसवार्ता की. उन्होंने कहा कि जबरन बंद करवाना असंवैधानिक है. भीड़ के द्वारा किसी तरह की हिंसा फैलाना भी अपराध है. लिहाजा बंद के दौरान ऐसा होता है तो पुलिस प्रशासन उपद्रवियों से सख्ती से निपटेगी. बंद को देखते हुए पांच हजार से अधिक सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.
गृह सचिव एसकेजी रहाटे और डीजीपी डीके पांडेय ने जानकारी दी कि पुलिस के अलावा रैप की दो कंपनियां, स्टेट रैपिड एक्शन फोर्स की 6 कंपनियां और होमगार्ड के 31 सौ से अधिक जवानों के साथ-साथ टीयर गैस राइट कंट्रोल यूनिट की भी तैनाती रहेगी. सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों की मदद से बंद पर नजर रखी जाएगी. इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए मिले तथ्यों के आधार पर उपद्रवियों पर मामला दर्ज कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाएगा.
गृह सचिव ने कहा कि बंद के दौरान आम जनजीवन में बाधा नहीं आए, इसके लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. डीजीपी ने कहा कि आम लोगों को परेशान करने वालों को चिन्हित करके कार्रवाई की जाएगी. भीड़ को उकसाने वालों पर नजर रखी जाएगी. गृह सचिव ने कहा कि किसी को भी जबरदस्ती दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद नहीं कराने दिया जाएगा. बतौर डीजीपी राज्यभर में सघन चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं. उपद्रवियों से निबटने के लिए रबर बुलेट का इस्तेमाल किया जाएगा.



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