सिमडेगा I बहुचर्चित पारा शिक्षक हत्याकांड में सिमडेगा कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व मंत्री और विधायक एनोस एक्का को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही विभिन्न धाराओं में कुल एक लाख पैंसठ हजार रुपये का जुर्माना भी उन पर लगाया. इसी मामले में एक और दोषी धनेश बड़ाईक को भी उम्रकैद की सजा मिली. साथ ही पचासी हजार रुपये का जुर्माना भी सुनाया गया.
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार श्रीवास्तव की ने पूर्व मंत्री और उनके सहयोगी को सजा सुनाई. एनोस एक्का और धनेश बड़ाईक पर को 302/120बी ,
364/120बी , 201/120बी , 171एफ/120बी और 27 आर्म्स एक्ट में ये सजा मिली है. न्यायालय के फैसले पर पारा शिक्षक मनोज कुमार के परिजन ने संतुष्टि जताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र और कोलेबिरा की जनता का जीत है.
पूर्व मंत्री पिछले चार से रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं. मंगलवार को सजा सुनाने के लिए उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत में पेश किया गया. इससे पहले बीते 30 जून को कोर्ट ने इस मामले में एनोस एक्का और धनेश बड़ाईक को दोषी करार दिया था.
बता दें कि पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या नवंबर 2014 में सिमडेगा के कोलेबिरा में हुई थी. मनोज कुमार को कुछ अपराधियों ने अगवा कर लिया था और अगली सुबह कोलेबिरा के जंगल से उनका शव बरामद हुआ था. इस बाबत मृतक के परिजनों ने एनोस एक्का के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. कोलेबिरा के जटाटांड स्कूल के पारा शिक्षक मनोज कुमार लसिया प्रखंड संघर्ष समिति और कोलेबिरा प्रखंड के पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष थे. पहले वह एनोस एक्का की पार्टी के सक्रिय सदस्य थे, लेकिन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एनोस का साथ छोड़कर दूसरी पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन करने लगे. इसके ठीक बाद उनकी हत्या कर दी गई थी.


Post A Comment:
0 comments so far,add yours