झारखंड विधानसभा का तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र आज संपन्न हो गया और सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है.
झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष दिनेश उरांव ने 24 दिसंबर को शुरू हुए तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र के समापन के बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की. विपक्ष के हंगामे के चलते विधानसभा में तीनों दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सका.
हालांकि, राज्य सरकार ने इस दौरान अपने विधायी कार्य पूरे किए और वर्तमान वित्तीय वर्ष की द्वितीय अनुपूरक बजट मांगें पारित कराई.
इससे पहले, शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन पारा शिक्षकों के मुद्दे पर हंगामे की भेंट चढ़ गया. विपक्षी विधायकों के आक्रामक तेवर के चलते दो बार सदन को स्थगित करना पड़ा. हालांकि हंगामे और शोर-शराबे के बीच सरकार ने अनुपूरक बजट पास करा लिया और कुछ विधायी कार्य भी निपटा लिए. जिसके बाद सदन को गुरुवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
विपक्ष ने पारा शिक्षकों के मुद्दे पर कार्यस्थगन का नोटिस देकर बहस की मांग की, तो सत्ता पक्ष की ओर से विधायक राधाकृष्ण किशोर ने ध्यानाकर्षण के तहत बहस कराने का प्रस्ताव दिया. इस पर विपक्ष तैयार नहीं हुआ. लिहाजा विपक्षी विधायकों के विरोध की वजह से दो बार सदन को स्थगित करना पड़ा. विपक्ष ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया.



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