खूंटी मामले पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मौजूदा परिस्थिति के लिए राज्य सरकार की संवेदनहीन रवैया को जिम्मेदार बताया है. साथ ही केन्द्र से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है.
जेएमएम विधायक पौलुस सुरीन और पार्टी के केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों की अवहेलना के चलते यह स्थिति बनी है. सरना धर्म कोड पर भाजपा से अपने चुनावी वादा निभाने की मांग करते हुए पौलुस सुरीन ने मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा और सांसद करिया मुंडा की चुप्पी पर सवाल खड़ा किए.
जेएमएम विधायक ने कहा कि वह खूंटी में शांति स्थापित करने के लिए मध्यस्थता को तैयार हैं, पर जिला प्रशासन और सरकार के इस डर से खूंटी नहीं जा रहे हैं कि वह पत्थरगड़ी समर्थक बताकर उन पर भी केस दर्ज ना करा दें. पौलुस सुरीन ने खूंटी की आदिवासी जनता से शांति की अपील की और कहा कि वार्ता से ही हल निकलेगा.
वहीं प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आलोक दूबे ने सीधे लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल उठाया.



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